तब हमारा जीवन बेरंग सा होता है और चेहरे का नूर कहीं खो गया होता है तब हमारा जीवन बेरंग सा होता है और चेहरे का नूर कहीं खो गया होता है
अगर आना भी है मौत को सामने कोई और भी तो बहाना वो बनायेगी ! अगर आना भी है मौत को सामने कोई और भी तो बहाना वो बनायेगी !
अब मैं समझ गया ज़िन्दगी कुछ नहीं है, जिता कोई नहीं बस यूँ ही चल रही है। अब मैं समझ गया ज़िन्दगी कुछ नहीं है, जिता कोई नहीं बस यूँ ही चल रही है।
जीवन कैसे जी सकते है उसकी की कविता। जीवन कैसे जी सकते है उसकी की कविता।
हाँ मेरे साथियों, मैं फिर से जिंदगी जीने लगी हूँ...! हाँ मेरे साथियों, मैं फिर से जिंदगी जीने लगी हूँ...!
अब मत रख स्वयं को अचेतन जागा नहीं अगर अब भी तो जीवन में होगा संक्रमण अब मत रख स्वयं को अचेतन जागा नहीं अगर अब भी तो जीवन में होगा संक्रमण